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Article: दुबले पतले लड़के-लड़कियों के लिए मसल गेन प्लान: हेल्दी तरीके से वजन और ताकत बढ़ाएं

Muscle Gain

दुबले पतले लड़के-लड़कियों के लिए मसल गेन प्लान: हेल्दी तरीके से वजन और ताकत बढ़ाएं

भारत में बहुत लोग दुबले पतले शरीर से परेशान हैं और चाहते हैं कि बॉडी हेल्दी, भरी-भरी और स्ट्रॉन्ग दिखे। खुशखबरी यह है कि सही डाइट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और लाइफस्टाइल से दुबला शरीर भी अच्छी मसल्स और ताकत बना सकता है। इस गाइड में हम साइंस, इंडियन गवर्नमेंट स्टडीज़ और ग्राउंड रियलिटी के साथ स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे कि आपको क्या खाना, कैसे ट्रेन करना और कैसे जीना है ताकि शरीर वाकई ताकतवर बने, सिर्फ वज़न बढ़ा हुआ न दिखे।

शरीर की बेसिक समझ: दुबला क्यों होता है?

दुबला शरीर ज्यादातर हाई मेटाबॉलिज्म, कम कैलोरी इनटेक या जेनेटिक्स से होता है। इसे ताकतवर बनाने के लिए पहले अपनी बॉडी टाइप (एक्टोमॉर्फ) को समझें और प्लान बनाएं।

  • एक्टोमॉर्फ बॉडी टाइप वाले लोग आसानी से वेट गेन नहीं करते, लेकिन सही अप्रोच से मसल्स बिल्ड कर सकते हैं।
  • पहले अपना BMI चेक करें – अगर 18.5 से कम है तो अंडरवेट हैं, और स्ट्रेंथ बिल्डिंग से शुरू करें।
  • इंडियन कंटेक्स्ट में, ज्यादातर युवा दुबले होते हैं क्योंकि डाइट में कार्ब्स ज्यादा और प्रोटीन कम होता है।
  • स्टडीज दिखाती हैं कि इंडियंस में प्रोटीन डेफिशिएंसी कॉमन है, जो मसल्स ग्रोथ रोकती है।
  • अपना डेली कैलोरी नीड कैलकुलेट करें: BMR (बेसल मेटाबॉलिक रेट) से शुरू करें, जैसे हैरिस-बेनेडिक्ट फॉर्मूला से – मेल्स के लिए 66 + (13.7 x वेट in kg) + (5 x हाइट in cm) - (6.8 x एज)।
  • अगर आप 25 साल के 60 kg लड़के हैं, तो BMR लगभग 1500 कैलोरी हो सकता है, और स्ट्रेंथ बिल्डिंग के लिए 2500-3000 कैलोरी टारगेट करें।
  • जेनेटिक्स को ब्लेम न करें, 80% रिजल्ट लाइफस्टाइल से आते हैं।
  • शुरुआत में डॉक्टर से चेकअप कराएं, थायरॉइड या न्यूट्रिएंट डेफिशिएंसी चेक करें।
  • मोटिवेशन टिप: फेमस इंडियन बॉडीबिल्डर्स जैसे सुशील कुमार की स्टोरी पढ़ें, जो दुबले से स्ट्रॉन्ग बने।
  • कुल मिलाकर, बॉडी समझने से प्लानिंग आसान हो जाती है और मिस्टेक्स कम होते हैं।

न्यूट्रिशन: स्ट्रेंथ का बेस है डाइट

न्यूट्रिशन दुबले शरीर को ताकतवर बनाने में 70% रोल प्ले करता है। प्रोटीन, कार्ब्स और फैट्स का बैलेंस बनाएं, और कैलोरी सरप्लस में रहें।

  • ICMR के अनुसार, इंडियंस के लिए प्रोटीन RDA 0.83 g/kg बॉडी वेट है – 60 kg वाले को 50 g डेली चाहिए, लेकिन मसल्स बिल्डिंग के लिए 1.2-1.6 g/kg टारगेट करें।
  • इंडियन डाइट में दाल, पनीर, अंडे, दूध जैसे सोर्सेस यूज करें – रोज 2-3 सर्विंग्स दाल लें।
  • कार्ब्स: ब्राउन राइस, रोटी, ओट्स से एनर्जी लें, लेकिन ज्यादा न लें वरना फैट गेन होगा।
  • फैट्स: घी, नट्स, एवोकाडो से हेल्थी फैट्स ऐड करें, 20-30% कैलोरी फैट से आएं।
  • वेट गेन के लिए डेली 500 कैलोरी एक्स्ट्रा लें – जैसे banana shake with peanut butter।
  • ICMR स्टडी में पाया गया कि इंडियंस में प्रोटीन सिर्फ 9-11% कैलोरी से आता है, जो डायबिटीज और ओबेसिटी बढ़ाता है।
  • सप्लीमेंट्स: ICMR वार्न करता है कि प्रोटीन पाउडर से किडनी इश्यू हो सकता है, नेचुरल सोर्सेस प्रेफर करें।
  • मील प्लान: ब्रेकफास्ट – ओट्स विथ मिल्क एंड नट्स (400 कैलोरी), लंच – दाल-चावल विथ वेज (600), स्नैक – पनीर सैंडविच (300), डिनर – चिकन/पनीर करी (500)।
  • हाइड्रेशन: 3-4 लीटर पानी पिएं, डिहाइड्रेशन मसल्स ग्रोथ रोकता है।
  • वेजिटेरियन टिप्स: सोया, छोले, राजमा से प्रोटीन कंपलीट करें।
  • नॉन-वेज: चिकन, फिश, एग्स से क्वालिटी प्रोटीन लें, लेकिन लिमिट में।
  • ट्रैकिंग: MyFitnessPal ऐप यूज करें कैलोरी ट्रैक करने के लिए।

एक्सरसाइज रूटीन: मसल्स बिल्ड करने का तरीका

एक्सरसाइज से मसल्स ग्रोथ होती है, दुबले लोग वेट ट्रेनिंग से शुरू करें। वीकली 3-4 दिन स्ट्रेंथ वर्कआउट करें।

  • मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स की गाइडलाइंस के मुताबिक, 18-65 साल वालों को 150-300 मिनट मॉडरेट एरोबिक एक्टिविटी और 2 दिन मसल स्ट्रेंथनिंग चाहिए।
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: पुश-अप्स, स्क्वॉट्स, प्लैंक से शुरू करें – 3 सेट्स ऑफ 10-15 reps।
  • वेट ट्रेनिंग: डंबल्स से बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट, लेग प्रेस – शुरुआत में लाइट वेट्स यूज करें।
  • फुल बॉडी रूटीन: मंडे – अपर बॉडी (पुश-अप्स, पुल-अप्स), वेडनेसडे – लोअर (स्क्वॉट्स, लंगेस), फ्राइडे – फुल बॉडी।
  • प्रोग्रेसिव ओवरलोड: हर वीक reps या वेट बढ़ाएं, जैसे पहले 10 reps, फिर 12।
  • कार्डियो: ज्यादा न करें, वरना कैलोरी बर्न होगी – वीकली 2 दिन 20 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग।
  • रेस्ट: हर सेशन के बाद 1-2 दिन रेस्ट लें, स्लीप 7-8 घंटे जरूरी।
  • होम वर्कआउट: नो जिम? बॉडीवेट एक्सरसाइज जैसे burpees, mountain climbers करें।
  • इंडियन कंसेंसस गाइडलाइंस: एशियन इंडियंस के लिए 60 मिनट डेली एक्टिविटी, जिसमें 15 मिनट मसल स्ट्रेंथनिंग शामिल।
  • सेफ्टी: वार्म-अप 5-10 मिनट करें, कूल डाउन भी – इंजरी अवॉइड करने के लिए।
  • ट्रैक प्रोग्रेस: हर महीने फोटो लें या मेजरमेंट चेक करें।

योगा: इंडियन वे टू स्ट्रेंथ

योगा स्ट्रेंथ बिल्डिंग के लिए परफेक्ट है, खासकर दुबलों के लिए क्योंकि ये बॉडीवेट यूज करता है। AYUSH मिनिस्ट्री की स्टडीज से पता चलता है कि योगा फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ाता है।

  • सूर्य नमस्कार: 12 राउंड्स डेली करें, ये 7.4 METs एनर्जी बर्न करता है और मसल्स स्ट्रॉन्ग बनाता है।
  • आसन: ताड़ासन, वृक्षासन, उत्कटासन – होल्ड 30-60 सेकंड्स, अपर और लोअर बॉडी स्ट्रेंथ के लिए।
  • प्राणायाम: कपलभाती से एनर्जी बूस्ट, अनुलोम-विलोम से रिकवरी।
  • स्टडी: PMC आर्टिकल में पाया गया कि 45 मिनट विन्यास योगा मॉडरेट इंटेंसिटी एक्टिविटी है, जो WHO गाइडलाइंस मैच करता है।
  • Y-ब्रेक प्रोटोकॉल: AYUSH का 5-10 मिनट डेली योगा, ऑफिस वालों के लिए – ताड़ासन, प्राणायाम शामिल।
  • बेनिफिट्स: योगा सिर्फ स्ट्रेंथ नहीं, स्ट्रेस रिड्यूस करता है जो ग्रोथ हॉर्मोन बढ़ाता है।
  • शुरुआती टिप: ऐप जैसे Yoga-Go यूज करें या क्लास जॉइन करें।
  • इंडियन टच: रामदेव बाबा स्टाइल योगा ट्राई करें, सिंपल और इफेक्टिव।
  • कम्बाइन: योगा को वेट ट्रेनिंग के साथ मिक्स करें बेहतर रिजल्ट्स के लिए।
  • वॉर्निंग: ओवरडू न करें, बॉडी सुनें।

लाइफस्टाइल चेंजेस: डेली हैबिट्स मैटर

लाइफस्टाइल से स्ट्रेंथ बिल्डिंग स्पीड-अप होती है। स्लीप, स्ट्रेस मैनेजमेंट और रूटीन फॉलो करें।

  • स्लीप: 7-9 घंटे सोएं, क्योंकि मसल्स रिपेयर नाइट में होती है।
  • स्ट्रेस: मेडिटेशन या वॉक से हैंडल करें, हाई स्ट्रेस कोर्टिसोल बढ़ाता है जो मसल्स ब्रेक करता है।
  • हाइड्रेशन और स्मोकिंग: पानी ज्यादा पिएं, स्मोकिंग/अल्कोहल अवॉइड करें।
  • एक्टिव रहें: सीढ़ियां चढ़ें, वॉक करें – डेली 10,000 स्टेप्स टारगेट।
  • मोटिवेशन: ग्रुप वर्कआउट या ऐप्स से ट्रैक करें।
  • फेमिली इन्वॉल्व: इंडियन होम्स में फैमिली मील्स से डाइट इम्प्रूव करें।
  • रेस्ट डेज: ओवरट्रेनिंग अवॉइड, बॉडी को रिकवर होने दें।
  • मॉडर्न टच: फिटनेस ट्रैकर्स जैसे Fitbit यूज करें प्रोग्रेस देखने के लिए।
  • लॉन्ग टर्म: 6 महीने में 5-10 kg मसल्स गेन पॉसिबल अगर कंसिस्टेंट रहें।
  • हेल्थ चेक: हर 3 महीने ब्लड टेस्ट कराएं न्यूट्रिएंट्स चेक करने के लिए।

कॉमन मिस्टेक्स: इनसे बचें

दुबले लोग अक्सर मिस्टेक्स करते हैं जो प्रोग्रेस रोकती हैं। स्मार्ट तरीके से अवॉइड करें।

  • बहुत कम खाना: कैलोरी डेफिसिट में रहेंगे तो मसल्स नहीं बनेंगी।
  • ओवर कार्डियो: रनिंग ज्यादा करेंगे तो कैलोरी बर्न होगी, वेट गेन रुक जाएगा।
  • प्रोटीन इग्नोर: सिर्फ कार्ब्स पर डिपेंड न करें, प्रोटीन प्रायोरिटी दें।
  • नो रेस्ट: डेली वर्कआउट से इंजरी हो सकती है।
  • सप्लीमेंट्स ओवरयूज: ICMR कहता है रिस्क्स हैं, नेचुरल पहले ट्राई करें।
  • इंपेशेंस: रिजल्ट्स 4-6 वीक्स में दिखते हैं, क्विट न करें।
  • गलत फॉर्म: एक्सरसाइज गलत करेंगे तो इंजरी होगी, वीडियो देखकर सीखें।
  • अनहेल्थी फूड: जंक फूड से फैट गेन होगा, क्लीन ईटिंग फॉलो करें।
  • नो ट्रैकिंग: वेट, फोटोज ट्रैक न करेंगे तो मोटिवेशन कम होगा।
  • डॉक्टर इग्नोर: अगर हेल्थ इश्यू है तो कंसल्ट बिना शुरू न करें।

इंडियन स्टडीज और रिसर्च

इंडियन गवर्नमेंट स्टडीज से पता चलता है कि बैलेंस्ड अप्रोच से दुबले शरीर ताकतवर बन सकते हैं। यहां कुछ की डिटेल्स।

  • ICMR की न्यूट्रिएंट रिक्वायरमेंट्स: इंडियंस के लिए प्रोटीन 0.83 g/kg, लेकिन वेज डाइट में 1 g/kg जरूरी। ये मसल्स मेंटेनेंस के लिए है।
  • मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ गाइडलाइंस: 18-65 साल वालों को मसल स्ट्रेंथनिंग 2 दिन वीकली, जो दुबलों के लिए बेसिक है।
  • AYUSH योगा रिसर्च: योगा से स्ट्रेंथ और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है, 24% इंडियंस योगा से हेल्थ इम्प्रूव करते हैं।
  • कंसेंसस गाइडलाइंस फॉर एशियन इंडियंस: 60 मिनट डेली एक्टिविटी से मसल्स बिल्ड होती है।
  • PMC स्टडी ऑन योगा: योगा मॉडरेट इंटेंसिटी है, स्ट्रेंथ के लिए इफेक्टिव।
  • ये स्टडीज दिखाती हैं कि इंडियन कंटेक्स्ट में लोकल फूड और योगा से रिजल्ट्स मिलते हैं।
  • प्रैक्टिकल अप्लिकेशन: स्टडीज को फॉलो कर प्लान बनाएं।
  • मोर रिसर्च: गवर्नमेंट साइट्स चेक करें अपडेट्स के लिए।

निष्कर्ष

दुबले पतले शरीर को ताकतवर बनाना कोई मैजिक नहीं, बल्कि सही डाइट + स्ट्रेंथ ट्रेनिंग + नींद + कंसिस्टेंसी का रिज़ल्ट है।

  • NFHS-5 दिखाता है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग अंडरवेट हैं – तो इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
  • ICMR-NIN की लेटेस्ट गाइडलाइन्स हमें बताती हैं कि सही एनर्जी, हाई क्वालिटी प्रोटीन और बैलेंस्ड डाइट के साथ मसल और हेल्थ दोनों इंप्रूव किए जा सकते हैं।
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से प्रूवन तरीके से मसल मास और स्ट्रेंथ बढ़ती है – बस शुरुआत करें, और धीरे-धीरे अपनी बॉडी को बेहतर बनाएं।

अगर आप ऊपर दिए गए डाइट और वर्कआउट प्रिंसिपल्स को 3–6 महीने ईमानदारी से फॉलो करते हैं, तो दुबला पतला शरीर भी हेल्दी, भरा-भरा और स्ट्रॉन्ग दिखने लगेगा।

References:

1. Resistance training effectiveness on body composition and body weight outcomes in individuals with overweight and obesity across the lifespan https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9285060/?utm_source=chatgpt.co

2. Systematic review and meta-analysis of protein intake to support muscle mass and function in healthy adults https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/35187864/ 

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